अस्की और युनिकोड

कम्प्यूटर मे भाषा की प्रस्तुति क सबसे आम तरीका अक्षरो से है। यह अक्षर अकसर "फाँट पर आधारित होते है। फोंट के कई अय होते है। पर सबसे उचित अर्य होगा "एक ही आकार और प्रकार के अक्षरो का समूह। इसमे अक्षर, अंक और विशेष अंक पारा जाते है। यह अक्षर अस्की अंको से पहचाने जाते है। अस्की का पूरा रुप है अमेरिकन स्टेनडर्ड कोट फोर इनफरमेशन इंटरचेंज। यह अस्की अंक फोंट के सभी अक्षरो को द्रिप चाते है। इससे हमे यह पता चलता है कम्प्यूटर की हर प्रस्तुति आस्की पर आधारित है।

पहली आस्की की मेज्ञ 1950 मे बनार्द गई। इसके बाद कई बदलाव लाए गए। अस्की के पहले मेज्ञ मे 128 अंक भे (यह 7 घोटे अंखे सेवना है)। उसके बाद और 128अंक लाए गए जो 8 धोटे अंक से बने है। इस मेज्ञ को फैलाव मेज्ञ कहते है। यह विश्व के जानकारी के अदला बदलो मे उपयोग होती है। इसी नियती मे फोंट का विकास हुआ।
  • आस्की मेज्ञ का रुप
  • इसमे कुल मिलाकर 256 अंक है।
  • पहले 128 मे रोमन अरक्षर "A" से "Z" और "a" "z", 0-9 अंक और विशष चिहन जैसे ! ' " % & ( ) + है।
  • 128 से 255 अंक लेटन अक्षर है।
  • 0 से 31 और 127 वा अक्षर नियंत्रन अक्षर है। यह कमप्युटर के की-बोर्ड के तिस है।
मेज के दुसरे आध के अक्षर की-बोर्ड से टाइप नही किए जा सकते। इसके लिए विशेष ड्राइवर की आवश्यकता है। हरएक अक्षर का आस्की अंक हेक्साडेसिमल से संबंधित है। हेक्साडेसिमल एक अंक कि बनावट है जिसके पहले दस अंक, 0-9 है और अगले छह अंक A - F है।

फोंट कैसे काम करते है ?
हमे यह पता है की फोंट, आस्की से विकाश हुए है। जैसे हरेक अक्षर के लिए एक अंक है। उदाहरण के तिए "A" का अंक है 0042 । एक अक्षर पाने के लिए हम की- बोर्ड को दबाते है।

उदारण के लिए, हमे अंग्रेजी फोंट से अंग्रेजी शब्द और हिन्दी फोंट से हिन्दी शब्द हिन्दी है। इसमे यह प्रक्रिया होती है, बटन दबाने से आस्की अंक एक अक्षर देता है। अभी तक, प्रांतिक न्भाषा के फोंट शेम और लेटिन अक्षरो पर आधारिप है। विशेष डा्इवरो से यह भषाराँ टाइप किए जा सकते है। यह प्रांविल भषा मे कई कठिनाईयाँ लाई।

इसके बाद 256 अंखो से विख के सन्भी भषाएँ प्रस्तुत किए गए। इसके लिए अलग प्रकार की तकनीक चाहिए। इसीसलिए प्रांतिक भषा के लिए युनिकोड वा आविरकार हुआ।

युनिकोड का प्रारंन्भ
युनिकोड विश्व की सभी भाषा को कम्पयूर प्रस्तुत करने की युक्ति है। यह बहुत नया है और एक ही युक्ति से सन्भी भषाओ को प्रस्तुत कर सकता है। यह भषाओ पर आधारिप है। यह सभी कम्पयूटरो पर चल सकता है। यह 16 अंखो को उपयोग करके 65,536 असर बनाता है। इससे सभी विश्व भषाएँ अंदर आती है। सबसे महत्वपूण विषय यह है की आस्की के पहले 255 अंखो मे कोई बदलाव नही आता।

युनिकोड जैसी लिपी सन्भी के कार्य को आसन बनाती है। सभी यह सझते है को एक ही भषा मे प्रग्राम किया जा सकता है। लेकिन यह ऐसा नहु है। उदाहरण के लिए, 8 अंशो की यूशेपी लिपी से भरतीय लिपी प्रस्तुत नही की जा सकती। पर युनिकोड से यह सब आसान बन जाता है।

युनिकोड फोंट
जब हम युनिकोड को विन्डोज़ मे लगाते है, तब सभी भषाश की लिपी आ जाती है, उदाहरण के लिए हिन्दी मे मंगल, और तमिल मे लता। असल मे युनिकोड फोंट सन्भी भषाओ के फोंट जैसे ही। एक अंश से युनिकोड फोंट बनाए ना सकते है।

युनिकोड का मुकाबला
युनिकोड विश्व मे तो उपयोग किया जाता है, लेकिन कुछ कठिनाइया है। पहला यह है की वह बहुत जगह लेता है। और उसमे बोलने की कठिनाइयाँ है। योडे बहुत लोग अब भी युनिकोड को नही अपनाते है।

पर यह अभी की स्यिति है। युनिकोड का अपनाना अघिक होते जा रहा है। यह शक नही है की एकदिन युनिकोड विश्व के शभी भाषाओ को एक करेमा।