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मैक के लिए माइक्रोसाफ्ट आउटलुक एक्सप्रेस


                  माइक्रोसाफ्ट ऑफ़िस का नया, तेज और बेहतर संस्करण आ रहा है। यह मैकिनटोस कंप्यूटर के लिए है। विंडोज़ का लोकप्रिय ई-मेल, कैलेंडर, और कॉन्टैक्ट प्रोग्राम अब मैक के लिए बन रहे संस्करण में भी आ रहा है। यह दिखने में और कार्यकुशलता में बहुत कुछ विंडोज़ संस्करण की तरह है। लेकिन केवल स्थिर और पुरी सुविधा वाला आउटलुक ही मैक ऑफ़िस 2011 संस्करण की एकमात्र विशेषता नहीं है। यह विशेष तौर पर मैक के उपयोग करने वालों के लिए अच्छा विकल्प है, साथ ही उन लोगों के लिए भी जो मैक का उपयोग करना चाहते हैं परन्तु उनकी कंपनियों में आउटलुक का उपयोग ही मान्य है।


नए ऑफ़िस 2011 में विंडोज़ के ऑफ़िस संस्करण के ही फ़ाइल फारमैट का उपयोग किया गया है। यह किसी रूपांतरण या अनुवाद के बिना विंडोज़ ऑफ़िस दस्तावेज़ों को पढ़ तथा संपादित कर सकता है, इससे मैक वर्ड अथवा विंडोज़ वर्ड में संपादित दस्तावेज़ों को दोनों ही परिचालन तंत्रों के उपयोग करने वालों द्वारा पढ़ा जा सकता है अब इसके उपयोग करने वालों को इससे अंतर का पता नहीं चलेगा कि दस्तावेज़ को मूलतः कहाँ संपादित किया गया है।

मैक ऑफ़िस उपयोग करने वालों को नए 2011 संस्करण में जो पहली चीज दिखेगी वह इसकी तेज गति है। हालांकि मैक ऑफ़िस 2008 संस्करण भी अपने पूर्व के संस्करणों की तुलना में तेज था, लेकिन यह नवीन संस्करण नाटकीय रूप से फुर्तीला है। सबसे बड़ी बात है कि यह विंडोज में बने दस्तावेजों को स्वीकार करता है। चूँ कि विन्डोज़ और मैक परिचालन तंत्र अलग-अलग हैं और इनमें एक-दूसरे की स्वीकार्यता शत-प्रतिशत नहीं रही है, लेकिन इस नए संस्करण में यह बहुत बेहतर हुई है। यह एक्सेल में बहुत स्पष्ट दिखता है, जहाँ जटिल स्प्रेडशीट के चार्ट और लेआउट कभी-कभी खुलते ही नहीं थे।
नये मैक संस्करण में विंडोज़ संस्करण के मैक्रो प्रणाली को लिया गया है, इससे विंडोज़ दस्तावेज़ों में पावर उपयोग करने वालों और कंपनियों के द्वारा बनाई गई स्वचालित कार्रवाईयों का अब मैक संस्करण में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।


आउटलुक माइक्रोसाफ्ट के (एमएसएफटी) ईमेल, कांटैक्ट और कैलेंडर प्रोग्रामों की जगह लेगा जिसे मैक ऑफ़िस में इनटोरेज कहा जाता है, यह प्रोग्राम वर्षों पहले मैक के लिए आउटलुक के एक पुराने और बहुत सीमित सुविधा वाले संस्करण का विकसित रूप है। इनटोरेज का उपयोग करने वाले बहुत से लोगों को यह सुस्त और जटिल लगता है और यह विंडोज़ के आउटलुक से सीधे डेटा नहीं ले सकता। माइक्रोसॉफ्ट ने नए आउटलुक को विंडोज आउटलुक जैसा दिखने और कार्यकुशल बनाने के लिए काफ़ी प्रयास किया है।


लेकिन माइक्रोसॉफ्ट अभी भी एप्पल आईकाल कैलेंडर प्रोग्राम के साथ सिंक्रनाइज़ करने की दिशा में काम कर रहा है। आउटलुक कैलेंडर गुगल कैलेंडर के साथ भी सिंक नहीं कर सकता है। साथ ही, नया मैक आउटलुक विंडोज़ आउटलुक से डेटा ले तो सकता है, परन्तु यह अपना डेटा विंडोज़ को भेज नहीं सकता। माइक्रोसॉफ्ट का कहना है कि वह उस पर भी काम कर रहा है। मैक पर आउटलुक तेज और कारगर साबित हुआ है। यह पूरी तरह विंडोज के समकक्ष तो काम नहीं करता है, लेकिन विंडोज के उपयोग करने वालों को यह बहुत ही जाना-पहचाना सा लगेगा। साथ ही इसमें कुछ मैक वाली सुविधाएँ भी हैं।

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